राजनांदगांव। सरकारी सेवाओं को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका सीधा लाभ अब आम नागरिकों को भी मिलने लगा है। राजनांदगांव शहर के नंदई निवासी रामलाल सोनकर को अपनी बेटी तारणी सोनकर की शिक्षा संबंधी जरूरत के लिए आवश्यक आय प्रमाण पत्र निर्धारित समय से पहले ही प्राप्त हो गया।
रामलाल सोनकर को बेटी की शिक्षा से जुड़े जरूरी कार्य के लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने तहसील कार्यालय राजनांदगांव में संचालित सेवा सेतु केंद्र का रुख किया।
सेवा सेतु केंद्र पर उन्होंने अपनी आवश्यकता बताई। केंद्र संचालक ने उन्हें आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी। दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी की गई और आवेदन को डिजिटल पोर्टल पर दर्ज किया गया।
इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा आवेदन की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। डिजिटल माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के कारण रामलाल सोनकर को निर्धारित समय से पहले ही आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। प्रमाण पत्र जारी होने की जानकारी उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी भेजी गई।
बेटी की पढ़ाई के काम आया डिजिटल सिस्टम
आय प्रमाण पत्र समय से पहले मिलने से रामलाल सोनकर अपनी बेटी की शिक्षा से संबंधित जरूरी प्रक्रिया समय पर पूरी कर सके। उनके लिए यह अनुभव इसलिए भी राहत भरा रहा क्योंकि प्रमाण पत्र के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी।
रामलाल सोनकर ने सेवा सेतु के माध्यम से प्रमाण पत्र मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि डिजिटल व्यवस्था से सरकारी सेवाएं प्राप्त करना पहले की तुलना में काफी आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे अनावश्यक भागदौड़ कम होती है और जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बन रही है।
उन्होंने सेवा सेतु के माध्यम से समय पर सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
डिजिटल सेवाओं से आम लोगों को मिल रही सुविधा
सेवा सेतु जैसी डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाना है। प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाने से लोगों को समय की बचत के साथ-साथ आवेदन की स्थिति और प्रमाण पत्र जारी होने की जानकारी भी आसानी से मिल सकती है।
राजनांदगांव के रामलाल सोनकर का मामला इसी बदलाव की एक मिसाल है, जहां बेटी की शिक्षा के लिए जरूरी आय प्रमाण पत्र समय से पहले मिलने से परिवार को बड़ी सुविधा मिली।