मुंबई, 9 अगस्त। महाराष्ट्र में महंगाई से परेशान आम लोगों के घरेलू बजट पर एक और असर पड़ने वाला है। राज्य में 11 अगस्त से दूध की कीमतों में बढ़ोतरी होने जा रही है। गाय और भैंस के दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की जाएगी। इसके साथ ही दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी इजाफा होने की संभावना है।
दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला राज्य की प्रमुख सहकारी और निजी डेयरियों के प्रतिनिधियों की बैठक में लिया गया। यह बैठक मिल्क प्रोड्यूसर एंड प्रोसेसर वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित की गई थी। बैठक में मौजूदा लागत और डेयरी कारोबार से जुड़ी आर्थिक परिस्थितियों पर चर्चा के बाद कीमत बढ़ाने पर सहमति बनी।
11 अगस्त से 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ेगा दूध
महाराष्ट्र में 11 अगस्त से दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाएंगे। नई कीमतें गाय और भैंस दोनों के दूध पर लागू होने की जानकारी सामने आई है। इसका सीधा असर उन परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा, जहां रोजाना बड़ी मात्रा में दूध की खपत होती है।
सुबह की चाय से लेकर बच्चों के दूध और घर में बनने वाले अन्य खाद्य पदार्थों तक दूध रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा है। ऐसे में कीमत में मामूली बढ़ोतरी भी नियमित उपभोक्ताओं के खर्च को प्रभावित कर सकती है।
दूध महंगा होने की क्या है वजह?
डेयरी क्षेत्र से जुड़े संगठन के मुताबिक, दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे उत्पादन और वितरण लागत में लगातार हो रही वृद्धि प्रमुख कारण है। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से दूध के परिवहन का खर्च बढ़ा है। इसके अलावा दूध की पैकेजिंग लागत में भी करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि होने की बात कही गई है।
डेयरियों के लिए किसानों से दूध खरीदने की लागत भी बढ़ी है। एसोसिएशन के अनुसार, आने वाले समय में दूध की खरीद कीमत में और वृद्धि होने की संभावना है। इससे डेयरी कंपनियों पर लागत का दबाव और बढ़ सकता है।
दही और पनीर भी होंगे महंगे
दूध के साथ ही अन्य डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद कम है। लागत में बढ़ोतरी का असर दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों पर भी पड़ सकता है।
एसोसिएशन की ओर से इन उत्पादों की बिक्री कीमतों में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में 11 अगस्त के बाद डेयरी उत्पाद खरीदने वाले महाराष्ट्र के उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
घरेलू बजट पर पड़ेगा सीधा असर
दूध और उससे बनने वाले उत्पाद भारतीय परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल हैं। खासतौर पर बच्चों वाले परिवारों में दूध की नियमित खपत अधिक होती है। ऐसे में दूध, दही और पनीर की कीमत बढ़ने से महीने के किराना और खाद्य बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
डेयरी उत्पादों की कीमतों में यह बढ़ोतरी होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और छोटे खाद्य कारोबारों की लागत को भी प्रभावित कर सकती है। हालांकि, अंतिम खुदरा कीमत अलग-अलग ब्रांड और बाजार के अनुसार अलग हो सकती है।
आगे भी बढ़ सकती हैं कीमतें
डेयरी क्षेत्र के संगठन ने संकेत दिया है कि किसानों से दूध खरीदने की कीमत में आगे और बढ़ोतरी हो सकती है। यदि उत्पादन, परिवहन और पैकेजिंग लागत में दबाव बना रहता है, तो आने वाले समय में डेयरी उत्पादों की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल महाराष्ट्र के उपभोक्ताओं के लिए तत्काल बदलाव 11 अगस्त से दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि है। इसके साथ दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों में प्रस्तावित बढ़ोतरी आम लोगों के रसोई बजट को और प्रभावित कर सकती है।